भिलाई के बारे में

एसटीपीआई -भिलाई


STPI-Bhilaiसॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई), भारत से सॉफ्टवेयर निर्यात को प्रोत्साहित करने को   बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1991 में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) द्वारा स्थापित एक स्वायत्त सोसायटी है।

एसटीपीआई का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है और इसके 14 निदेशालय हैं एवं देशभर में 67 केंद्र हैं जिसमे से 59 केंद्र टायर -II / III शहरों में स्थित हैं ।

एसटीपीआई भिलाई की स्थापना 2002 में क्षेत्र से आईटी/आईटीईएस निर्यात को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। परिणामस्वरूप, कई आईटी और आईटीईएस कंपनियां विकसित हुई हैं और छत्तीसगढ़ राज्य से अपने निर्यात में योगदान दे रही हैं।

छत्तीसगढ़ (छ.ग.) में आईटी/आईटीईएस कंपनियों के लिए लाभ :

भौगोलिक स्थिति: छत्तीसगढ़ भारत के मध्य भाग में स्थित है और सभी राज्यों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यह एक हिन्दी भाषी राज्य है और राजभाषा भी हिन्दी है।

रेल सेवा  : दुर्ग रेलवे स्टेशन एसटीपीआई, भिलाई से केवल 5 किमी दूर है, और मध्य रेलवे रायपुर जंक्शन भिलाई से 34 किमी दूर है। छत्तीसगढ़ के सभी विकसित जिले यानी दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, अम्बिकापुर, रायगढ़   आदि रेलवे और राज्य सड़क परिवहन से अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं।

हवाई अड्डा: स्वामी विवेकानन्द हवाई अड्डा, माना राजधानी (रायपुर) में स्थित है जो भिलाई से 55 किलोमीटर दूर है।

​​​​​​​बुनियादी ढांचा: एसटीपीआई स्टार्ट-अप और एसएमई कंपनियों को इन्क्यूबेशन सेवाएं प्रदान करता है। ये इन्क्यूबेशन सुविधाएं बहुत ही आकर्षक दरों पर फर्नीचर (क्यूबिकल), पावर बैक अप, निर्बाध बिजली आपूर्ति, इंटरनेट, सुरक्षा सेवाएं, कैफेटेरिया, खेल का मैदान, व्यायामशाला, सम्मेलन कक्ष, बैठक कक्ष, पर्याप्त कार और बाइक पार्किंग स्थान इत्यादि जैसी उत्कृष्ट सुविधाएं प्रदान करती हैं।

​​​​​​​टेलीकॉम: महानगरीय शहरों के बराबर प्रतिस्पर्धी मूल्य के साथ सभी प्रमुख इंटरनेट सेवा प्रदाता छत्तीसगढ़  में कार्यरत हैं।

​​​​​​​मानव संसाधन: भिलाई को भारत के शिक्षा केंद्रों में से एक माना जाता है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी), हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), अखिल भारतीय जैसे राष्ट्रीय ख्याति के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स), छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय और राज्य के 50 इंजीनियरिंग कॉलेज, 25 पॉलिटेक्निक और 118 आईटीआई छत्तीसगढ़ में आधार स्थापित करने वाली कंपनियों के लिए गुणवत्तापूर्ण जनशक्ति की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।

​​​​​​​विद्युत शक्ति: छत्तीसगढ़ राज्य एक विद्युत अधिशेष राज्य है जिसकी वर्तमान उत्पादन क्षमता 21000 मेगावाट है जिसे 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक 41000 मेगावाट तक बढ़ाने का लक्ष्य है। राज्य विद्युत टैरिफ अखिल भारतीय औसत से 35% सस्ता है। बहुत प्रतिस्पर्धी दर पर निर्बाध गुणवत्ता वाली बिजली आपूर्ति की उपलब्धता से इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर और आईटी/आईटीईएस उद्योगों के लिए परिचालन लागत कम हो जाएगी जिससे लागत प्रभावी उत्पादन हो सकेगा।

​​​​​​​नीति समर्थन: एसटीपीआई आईटी/आईटीईएस निर्यातकों को सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रदान करता है। राज्य सरकार की आईटी नीति भी उद्योगों के लिए काफी सहायक है।

​​​​​​​लागत-प्रभावी: यह क्षेत्र कम लागत वाले बुनियादी ढांचे, रियल एस्टेट और जनशक्ति के माध्यम से निवेशकों को एक बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करता है।

​​​​​​आसपास की कंपनियाँ: भिलाई स्टील प्लांट, भारतीय इस्पात प्राधिकरण की एक प्रमुख इकाई भिलाई में स्थित है। छत्तीसगढ़ में बिजली, इस्पात और सीमेंट उद्योग बड़ी संख्या में हैं।

अन्य सुविधाएं: भिलाई, रायपुर और छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में बड़ी संख्या में ब्रांडेड स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग मॉल और स्टार होटल उपलब्ध हैं।

 

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